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मेरी पसंद की लड़की।।

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यूँ तो यहां हर इंसान बना है प्यार के लिए, हर लड़का बना है चाहत के लिए, हर लड़की बनी है मोहब्बत के लिए... मगर अक्सर लोग पूछते हैं मुझसे मेरी पसंद... तो दोस्तों आज का मेरा ये blog (मेरी पसंद की लड़की ) थोड़ा पर्सनल है मगर आप मेरे अपने हो इसलिए Share करना तो बनता है... एक लड़की जो दिखने में बहुत खूबसूरत ना हो मगर प्यारी हो, जो रंगत से थोड़ी सांवली हो जिसकी मुस्कान सबसे निराली हो... जिसने की हो कभी किसी से बहुत सच्ची मोहब्बत और खाया हो धोखा अपने महबूब से। जो टूट चुकी हो कसमें, वादे और वफ़ाएँ निभाते निभाते। जिसकी खोज खत्म हो गयी हो,  जिसकी अब कोई चाहत ना रही हो... जो खाली Drawing ki notebook सी हो.... बस वो मिल जाए मुझे, जिसे पता हो अकेलापन क्या होता है, जिसे पता हो बेबसी किसे कहते हैं, जिसे पता हो इस दुनिया की कवायदें क्या हैैं।। बस वो मिल जाए मुझे यहीं कहीं।। मेरी पसंद की लड़की....

Unsuitable Friend

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 दोस्तों आज का मेरा ये blog मेरे एक खास दोस्त के बारे में बताता है,जो एक लड़का था लेकिन अब लड़की है...पढ़कर अजीब लग रहा होगा कि ये कैसा दोस्त है भला... हम एक ही गली में रहते हैं, बचपन में हम एक साथ ही खेला करते थे थोड़े बड़े हुए तो काम भी साथ ही किया करते और पढ़ाई भी साथ में ही की। उसे लड़कियां शुरू से ही पसंद ना थी। Highschool तक तो सबकुछ ठीक था मगर उसके बाद हमने अलग अलग स्कूल में जाने का फैसला किया उसने एक अच्छा प्राइवेट स्कूल चुना और मैंने सरकारी विद्यालय। प्राइवेट स्कूल में उसके कुछ ऐसे दोस्त बन गए जिनकी संगत करना उसे भारी पड़ गया। स्त्रीस्वभावी तो वह पहले से ही था मगर उनकी संगत ने उसे इस कदर बिगाड़ दिया कि अब वह एक लड़की बनना चाहता था। क्युकी उसे लड़कों में Interest था। सुंदर और सुडौल लड़के उसे भाने लगे थे, समय के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षाएं हुई और हम रिजल्ट वाले दिन मिले। उसका स्कोर मुझसे कुछ कम था।। पूछने पर उसने बताया कि उसका अब पढ़ाई में मन नहीं लगता है उसकी मंजिल उसके सपने  अब कुछ और ही हैं। मैंने उसे समझाया कि यह समाज इस प्रकार के लोगों को स्वीकार नहीं करता है मगर उसने अब ...

होली - बिन महबूब

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आपने देखा होगा लोगों को होली पर, रंग लगाते हुए, मिट्टी लगाते हुए, गुलाल लगाते हुए,  कभी कभी कीचड़ तक लगा देते हैं लोग, असल में उस समय वे बहुत खुश होते हैं क्योकि उनके अपने उनके प्यारे उनके महबूब उनके पास होते हैं.....मगर  सोचो वो शक्स क्या करे जिसका महबूब इस दुनिया में ही ना रहा हो.. आज का मेरा ये blog एक ऐसी ही लड़की के लिए है जो हो गयी है विधवा बिना ब्याहे....🙏    मैं नाम नहीं लूँगा उसका....  उसके जीवन  के सारे रंग उस लड़के से ही थे, उसकी सुबह शाम दिन रात बो लड़का ही था! वो जी रही है इस बेरंग ज़िंदगी को दिल पे पत्थर रखके। दुआ करता हूं मैं उस लड़की के लिए कि काश कोई शक्स आ जाए उसके जीवन में जो हो बिल्कुल उसके महबूब जैसा... मैं जानता हूं किसी शक्स की कमी किसी और शक्स के द्वारा पुरी नहीं की जा सकती। मगर  सायद वक्त के साथ उसके ज़ख़्म भर जाए, सायद वो प्यार उसे फ़िर से मिल जाए, सायद उसे नयी दुनिया मिल जाए, सायद फ़िर से  भर जाए उसके जीवन में रंग खुशियों के..... और उसकी भी हो जाए Holi happy. काश मेरी ये दुआ कुबूल हो।।  दोस्तों  ...

महबूब की शादी।

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शादी के उस लाल जोड़े में,  तुम दुनिया की सबसे प्यारी दुल्हन लग रही थी।  पहली बार देखा मैंने तुम्हें साड़ी में,  वो साड़ी वो गहने और तुम्हारे हाथों की मेहंदी,  तुम्हारे रूप और हुस्न में चार चांद लगा रही थी।।  मगर जब देखा तुम्हारी आंखों के बहते हुए काजल को तो पता चला कि तुम्हें भी मेरी याद सता रही थी।   तुम्हें लग रहा होगा मैं तुम्हारी शादी के  इतने दिनों बाद क्यों लिख रहा हूं। दरअसल मैं अभी तक निकाल नहीं पाया हूं अपने आप को उस सदमे से  खैर   मैं ठीक हूं अपना ख्याल रखना।। Thanks for reading the blog...🙏