होली - बिन महबूब

आपने देखा होगा लोगों को होली पर,
रंग लगाते हुए, मिट्टी लगाते हुए, गुलाल लगाते हुए,
 कभी कभी कीचड़ तक लगा देते हैं लोग,

असल में उस समय वे बहुत खुश होते हैं क्योकि उनके अपने उनके प्यारे उनके महबूब उनके पास होते हैं.....मगर 

सोचो वो शक्स क्या करे जिसका महबूब इस दुनिया में ही ना रहा हो..

आज का मेरा ये blog एक ऐसी ही लड़की के लिए है जो हो गयी है विधवा बिना ब्याहे....🙏
  मैं नाम नहीं लूँगा उसका....
 उसके जीवन  के सारे रंग उस लड़के से ही थे,
उसकी सुबह शाम दिन रात बो लड़का ही था!
वो जी रही है इस बेरंग ज़िंदगी को दिल पे पत्थर रखके।
दुआ करता हूं मैं उस लड़की के लिए कि काश कोई शक्स आ जाए उसके जीवन में जो हो बिल्कुल उसके महबूब जैसा... मैं जानता हूं किसी शक्स की कमी किसी और शक्स के द्वारा पुरी नहीं की जा सकती।
मगर
 सायद वक्त के साथ उसके ज़ख़्म भर जाए,
सायद वो प्यार उसे फ़िर से मिल जाए,
सायद उसे नयी दुनिया मिल जाए,
सायद फ़िर से  भर जाए उसके जीवन में रंग खुशियों के..... और उसकी भी हो जाए Holi happy.
काश मेरी ये दुआ कुबूल हो।। 

दोस्तों  दुआ कीजिए प्यार कीजिए,
comment कीजिए...

 

 

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