यादें

 जब तुमसे हर रोज बात होती थी तो लगता था कोई है जो हर पल  मेरे साथ है...

मैं जानता हूं तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो और मैं भी...

  अभी  मैं एक नए शहर नई जगह पर हूं जहां मेरा कोई नहीं है मैं अकेला हूं इस नए शहर की गलियों में...

 यहां कोई नहीं पूछता तुम कैसे हो खाना खाया या नहीं,

 कोई नहीं पूछता कि मैं इस किराए के घर में  खुश  हूं या नहीं... हां मगर जब भी अकेले में आंखें बंद  करता हूं तो महसूस होता है कि तुम आज भी हो मेरे साथ हर पल हर वक्त...और फिर मुस्कुराने लगता हूं तुम्हारे साथ गुजारे लम्हों को याद करके, वो लम्हे मेरी जिंदगी के  सबसे हसीन लम्हे थे। 


 सर्दी  की ये ठंडी हवाएं जब मुझे  छूती हैं तो महसूस होता है तुम्हारा स्पर्श, जैसे ये हवाएं तुम्हें छूकर  आई हो।।

 बहुत याद आती है तुम्हारी और मां की।।

दिन में तो संभाल लेता हूं तुम्हारी यादों से खुद को..

मगर शाम  को सर्दी की ठंडी लहर जब मेरे बदन को छूती है तो मैं खुद को रोक नहीं पाता... और

 छा जाती  हैं कुछ  ओस की बूंदे मेरी पलकों पर भी,

 फिर सो जाता हूं तुम्हारे साथ गुजारे लम्हों की यादों को ओढकर...💖

Love you forever...

 Miss you a lot.. 


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